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Showing posts from January, 2025

26.मै और मेरी साइकिल

 मै था साईकिल थी लंबा रस्ता था दूर तलक चलना था कांधे बस्ता था मंज़िल से हर दिन का आना जाना था बचपन आज भि हर खुशियों से सस्ता था ©️Suraj Tiwari

25.एक रात देखा ख्वाब हो तुम

 कभी एक रात देखा ख्वाब हो तुम कहूं मै चांदनी की रात हो तुम नजर में एक दफा में बस गए थे किये है जो हजारों बात हो तुम जुबां पर ना कभी दिल में रखा बंदिश प्रिये तुम प्राण पर आघात हो तुम ©️Suraj Tiwari

23.मुहब्बत की कहानी हम सुनाते थे

 मुहब्बत की कहानी हम सुनाते थे जुदाई में चिता खुद की सजाते थे उसी के इश्क़ में साईकिल चलाते थे गली में हो खड़े घंटी बजाते थे पलट कर देखती थी यार वो भी उसी की थी रजा जो गीत गाते थे उसी की चाहतों पर जंग जारी था सनम के चौखटों पर हाथ जोड़े थे जमाने से बगावत दिल्लगी में कर सनम ही हो खुदा ये भ्रम तोड़े थे ©️Suraj Tiwari

22 सफर में ज़िन्दगी से क्यों रूठा है

 सफर में ज़िन्दगी से क्यों रूठा हैं   किताबों में इश्क़ हि भाई खुदा है उसे दुल्हन बनाना चाहता हैं किसी की शादगी पर जो फ़िदा हैं चिरागों से जलें हैं हाथ तेरे अधेरी रात में घर से जुदा हैं ©️Suraj Tiwari

21.उसी की चहतो पर गीत लिखता था

 उसी की चाहतों पर गीत लिखता था सुबह अख़बार में तस्वीर दिखता था मुझे ही गा रहा है अब मीत मेरे मुझे ही बेदखल कर गीत छपता था अधूरे प्यार से क्या उम्मीद करते हम मुहब्बत में वफ़ा बेमोल बिकता था ©️Suraj Tiwari

20हमको तुमसे प्यार हुआ दिल बच्चा है

 दिल में एक तस्वीर सहेजे रखखा है हमको तुमसे प्यार हुआ दिल बच्चा है उससे इजहार कभी क्यों ना कर पाऊं प्यार अगर मर्यादा में हो सच्चा हैं ©️Suraj Tiwari

19इश्क पहली बार में हो मुस्कुराता नहीं

 मै छिपाना जानता था पर छिपाता ही नहीं इश्क़ पहली बार में हो मुस्कुराता ही नहीं थे धुरंधर महफिलों में बैठ कर कहते ग़ज़ल प्यार में श्रृगार के मै गीत गाता ही नहीं मै बताना चाहता था लड़कियों का दिल नरम यार तू उस बेवफा को क्यों  सुनाता ही नहीं ©️Suraj Tiwari

17.रिश्ता निभाने वाले फनकार हमारे पापा

 मेरे घर के बुनियाद हमारे पापा हैं रिश्ते निभाने वाले फनकार हमारे पापा है  मेरे जीवन का आधार हमारे पापा है  ईश्वर का दिया उपहार हमारे पापा है।।   ग़म में रहते हैं फिर भी धैर्य रखते है  बच्चो की खुशी के लिए सब से लडते है  स्वर्ग से आए फरिश्ते हमारे पापा है  मेरी खुशी के लिए कष्ट सहते  मेरे पापा हैं।।  खरीद लू कुछ भी कभी मना नहीं करते  हम सदा उनके प्यार की छाव में पलते  मेरी असफलता पे भी कंधा थपथपाते  मेरी नाकामियों पर मुस्काते मेरे पापा हैं।।  मै नकारा नालायक हूं जानते हैं फिर भी मुझे गले लगातेमेरे पापा हैं  मुझे आगे बढ़ने हौसला देते मेरे पापा हैं  अनुशासन में रहूं ये सिखाते मेरे पापा हैं।।  ©️suraj tiwari

16सरकार उनकी है जिनके हाथ में नोटों कि बोरी है

 रस्ता रस्ता खालीपन हैं मंज़िल मंज़िल दूरी है।  पैदल चलने में हमसे पूछो कितनी मजबूरी है।  इंसान अकेला कब तक लडे़ किस्मत के बाजार में।  सरकार उन्हीं की जिनके हाथ में नोटों की बोरी हैं। ©️Suraj Tiwari

15.चस्मे लगाकर यार सीखाते रहें

 इक खुशी के लिए मुस्कुराते रहें मौज में जिंदगी हम बिताते रहें आंख में डूबने का हुनर है गलत यार चश्में लगा कर सिखाते रहें ©️Suraj tiwari 

40.दोहा रहा अधूरा प्यार

कान्हा की बंसी बजी ,राधा के मन द्वार राधा दौडि पनघट पर ,रहा अधूरा प्यार ©️Suraj Tiwari

2(राधा जब ना रही, सुनता कौन पुकार)दोहा

सांवरिया की बांसुरी ,चाह रही उद्धार  राधा ही जब ना रही, सुनता कौन पुकार ©️Suraj Tiwari

11 शे र मुफ्लिसों के घर बेचेंगे

 उठ रहा हैं हर घड़ी तूफान दिल में आंधियों में मुफलिसो के घर बचेंगे ©️Suraj Tiwari

6इश्क में साथ निभाना भारी है

 प्यार करना तो अब सिर्फ एक बीमारी हैं   इश्क़ में अब तो साथ निभाना भारी हैं ©️Suraj Tiwari

37.किनारे पर लहर आने लगी है

 किनारे पर लहर आनें लगी हैं यकींनन  रेत दरिया से मिलेगा  ©️Suraj Tiwari

39.ज़िन्दगी को मुस्कुराता देखता

 याद में तुम्हें कभी जब बैठ कर मै सोचता ज़िन्दगी को एक दफा खुश मुस्कुराता देखता ©️Suraj Tiwari

8 शे 'र घात करतें यार तुम

 देखकर तुम्हें तरस आता यकीनन आज भी दोस्ती में पीठ पीछें घात करते यार तुम ©️Suraj Tiwari

41.जलता दिया हूं

 न पूछो किस मुसीबत से घिरा हूं  सुलगता सा वहीं जलता दिया हूं Suraj Tiwari

5 बुजुर्गों की इनायत पर हक बताते है

 जो गिरवी है विरासत वो छुड़ा सकते नहीं लेकिन, इनायत पे बुज़ुर्गो की सब अपना हक बताते हैं , ©Suraj tiwari

36.रावण का दिल टूट गया अंतर्मन से

 श्री राम दया हमदर्दी करते हैं रावण के जन से सोचो मत लक्षमण जा कर पैर छुओ ज्ञानी ब्रह्मण के  कैसी हाय विवशता होगी रावण जलता वर्षो से  देख लखन रावण को अब दिल टूट गया अंतर्मन से ©️Suraj tiwari

12निष्कपट प्रेम के पीर में सोचती

 सब्र के बांध पर धीर में सोचती  जानकी राम के नीर में सोचती राम की फट धरा जब रही अश्रु से निष्कपट प्रेम के पीर में सोचती  ©️suraj tiwari✍️

32.प्रेमिका सताई जाती है

 दिल पत्थर हो जाए ना उम्मीद जताई जाती हैं  इक तस्वीर लिए अब तन्हा रात बिताई जाती हैं  प्यार अधूरा हो अक्सर आशिक पागल हो जाता हैं  साधू भी भावुक होता प्रेमिका सताई जाती हैं  ©️Suraj tiwari

13.धैर्य रख जानकी विश्वास है राम जी

 मीत मर्याद उर के पीर हैं राम जी  आचरण आदर्श गीत हैं राम जी  प्रेम के आस में समर्पित थी शब्री  धैर्य रख जानकी विश्वास हैं राम जी  ©️Suraj Tiwari

(१)मेरा गांव

 मेरा  गाँव खुशियां अभी भी बसती है जहाँ  अभी भी हैं पीपल की छाँव  कितने सुंदर लोग यहाँ के  कितने सुंदर बोल यहाँ के नहीं किसी से बैर यहाँ अब सभी भाई चारा निभाते हैं यहाँ। सुबह चिड़ियां चहकती आँगन में किसान खुशहाल मिलें खलिहानों में  शिक्षा स्वास्थ्य अस्पताल हैं  पगडंडी नहीं अब रास्ते बेहतर है  अब गाँवों में सब खुशहाल हैं। स्वच्छ नदी का निर्मल जल  सभ्यता संस्कृति को सींचती घर घर  नारियां भी जहाँ अब शिक्षित हैं बदल रहा देखो मेरा गाँव। ©️Suraj Tiwari

35,राम के सब्र के सेतु पर जानकी

 नेह में नीर तू मत बहा जानकी राम के सब्र के सेतु पर जानकी  भावना प्रेम की कोइ समझें नही राम के श्वास की आस तुम जानकी  ©️Suraj tiwari

14.गीत विरह लिखने बैठे है

 दिल के सब किस्से कलमों से हम लिखने बैठे हैं स्याह मिरा नाम उसीका मोहब्बत अब लिखने बैठे हैं शिव शंकर विष पान किए हैं मैं प्रेम समझ ना पाऊं  राधा मीरा प्रेम अधूरा गीत विरह लिखने बैठे हैं  ©️Suraj tiwari

24.तौफा ले जाते है गम ले आते हैं

 तन्हा जब उसकी बस्ती में जाते हैं यारों से हम आंख  मिला ना पातें हैं प्रेम मिलन में सूली चढ़नें वालें लड़कें  तौफा ले जाते हैं गम ले आते हैं ©️Suraj Tiwari

34.कल के चोर सरकारी दरबारों में

 कल के चोर मठाधीश बनें सरकारी दरबारों में सांसों का सौदा करते हैं अक्सर इन बाजारों में पाठ पढ़ाते हैं वो जो कल तक जनता के सेवक थे रिश्वत लेते दफ़्तर में धर्म निष्ठ हैं अखबारों में ©️Suraj tiwari

10 राम के गीत गाते रहे

 दीप यह धर्म की हम जलाते रहें राम की भक्ति में मुस्कुराते रहें आस्था ना कभी खत्म हो राम जी राम के प्रेरणा गीत गाते रहे ©️Suraj Tiwari

4लौट आओ लखन दोष लग रहें

 राम  के  नेत्र के  अश्रु भी  बह  रहें  लौट आओ लखन दोष भी सह रहें आस का दीप बुझ सा रहा रात में राम लक्ष्मण विमुख हो गए कह रहें  ©️suraj tiwari✍️

42.मौत चौखट पर खड़ी है

    राम  की अर्धांगिनी हूँ जानते हो    नाश कुटुंब का कराना चाहते हों    सेतु पर रघुवर मर्यादित हैं  दशानन     मौत चौखट पर खड़ी हैं जानते हों  ©️Suraj Tiwari✍️

33.प्यार अधूरा छूट गया

 चूड़ी,बिंदिया,कंगन ,झुमका छूट गया  उर  की पीड़ा  में  हर  रिश्ता टूट गया  इक तस्वीर छुपा हम पागल फिरते हैं  मन  इच्छित है प्यार अधूरा छूट गया ©️suraj tiwari✍️

3 प्रभु आपके इंतजार में

 प्रभु आपके इंतजार में बैठी हूं सरेराह में माॅ सबरी के टोकरि के झुठे बैर के इंतजार में भक्त हनुमान के भक्ति रस के पुकार में प्रभु आप अवधपुरी आएंगे मंदिर के निर्माण में माॅ कैकेयी आज भी हैं पश्चाताप में भरत कि आंख भर आयी आपके याद में आज रावण फैले हैं हर एक समाज में प्रभु आप अवध आए सरयू के उद्धार में समाज में अब फैला आतंक है हर तरफ मचा अब हाहाकार हैं इस दौर में एक परिवर्तन हैं रावण नहि विभीषण पर कलंक है ©️Suraj Tiwari

गुरु ने निखरना सिखाया

ज़िन्दगी के सफ़र में हर कदम पर लड़ना सिखाया  गुरु के अनुभव की छोटी सी लकड़ी ने निखरना सिखाया  गुरु देव को प्रणाम जिनमें ईश्वर का ही रूप नजर आया  जिनकी शिक्षा ने हमें बेहतर इंसान बनाया ©️Suraj Tiwari

38.रोशनी ने कहां चांद से

 रात में घर न आया करों दिल टूटा हो न गाया करों रोशनी ने कहां चाॅद से  प्यार ना अब जताया करों प्यार से जब जुदा हो गए दिल कभी ना दुखाया करों ©️Suraj Tiwari

9.इश्क में बाजी एक खो गए

 तेज रफ्तार में खो गए हमसफ़र से जुदा हो गए देखते रह गए ख्वाब सब  हम जुदा जब हुए रो गए देखते थे कभी ख्वाब जो आंसुओ से भिगो धो गए चाहते सब दफन हो गई  कब्र में इस क़दर सो गए कौन देता दिलासा हमें इश्क़ में बाजि एक खो गए ©️Suraj Tiwari

Gazal

Gazal

सोचता हूं मैं लिखूं कुछ प्रेम के आधार का  मानवों को क्या दिलासा दे सका व्यवहार का बिक रहें अब नोट ले कर पत्रकारीता कहीं क्या करूं मैं साहित्य के दूर क्रांति प्रचार का लिख सकूं कुछ प्रेम से हट कर भला हो देश का मै कथा क्यों कब तलक लिखता रहूं श्रृंगार का ©️Suraj Tiwari