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Showing posts from February, 2025

45 जानकी के नयन राम को देखते

 रात के अध जगें चांद को देखते          जानकी के नयन राम को देखते जन्म में से मरण तक बधे एक दुजें जानकी राम यूं ख़्वाब को देखते ©️Suraj Tiwari

44.विनती है प्रभु पश्चाताप पर

 कब तक मौन रहूं खुद के हालातो पर छल कब तक सहता रहता आघातों पर कृष्ण सुनो व्यथा मेरी पीड़ाओं का प्रभु विनती है इतनी पश्चातापो पर ©️Suraj Tiwari

43.सूरज से आंख मिला सकता हूं क्या

 दर्द भरा जीवन है गा सकता हूं क्या नाकामी के ताने खा सकता हूं क्या नेकी करने में हाथ जलें हैं मेरे मैं सूरज से आंख मिला सकता हूं क्या ©️Suraj Tiwari

31.रात खामोश है

  रात है खामोश गहरी ज़िन्दगी है मान लो शांत एक दीवार की टागी घड़ी मै मान लो नीद से उठकर गुजरते वक्त जो देखा घड़ी सब मुसीबत अब गले पडने लगी है मान लो ख़ाक में तब्दील हो मै जाऊंगा जो कहाॅ कब्र पर आए मिरें वो बस कमी है मान लो  ©️Suraj Tiwar

30.बोल सिया वर राम (दोहा)

  सीता जी व्याकुल हुई, हृदय सुमिरि श्री राम  लंका फूंकी पवन सुत,बोल सिया वर राम ©️Suraj Tiwari

29. माईकों में चिल्लाते लोग

 सुना हैं माईको में लोग चिल्लाते   ग़ज़ल में गुनगुनाते जोग गाते ©️Suraj Tiwari

28.रकीबों से अधिक चाहता कौन

 रकीबो से अधिक अब चाहता कौन यु गुनाहों पर मिरे वो आइना होते ©️Suraj tiwarI