34.कल के चोर सरकारी दरबारों में
कल के चोर मठाधीश बनें सरकारी दरबारों में
सांसों का सौदा करते हैं अक्सर इन बाजारों में
पाठ पढ़ाते हैं वो जो कल तक जनता के सेवक थे
रिश्वत लेते दफ़्तर में धर्म निष्ठ हैं अखबारों में
©️Suraj tiwari
कल के चोर मठाधीश बनें सरकारी दरबारों में
सांसों का सौदा करते हैं अक्सर इन बाजारों में
पाठ पढ़ाते हैं वो जो कल तक जनता के सेवक थे
रिश्वत लेते दफ़्तर में धर्म निष्ठ हैं अखबारों में
©️Suraj tiwari
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