22 सफर में ज़िन्दगी से क्यों रूठा है
सफर में ज़िन्दगी से क्यों रूठा हैं
किताबों में इश्क़ हि भाई खुदा है
उसे दुल्हन बनाना चाहता हैं
किसी की शादगी पर जो फ़िदा हैं
चिरागों से जलें हैं हाथ तेरे
अधेरी रात में घर से जुदा हैं
©️Suraj Tiwari
सफर में ज़िन्दगी से क्यों रूठा हैं
किताबों में इश्क़ हि भाई खुदा है
उसे दुल्हन बनाना चाहता हैं
किसी की शादगी पर जो फ़िदा हैं
चिरागों से जलें हैं हाथ तेरे
अधेरी रात में घर से जुदा हैं
©️Suraj Tiwari
Comments
Post a Comment