25.एक रात देखा ख्वाब हो तुम
कभी एक रात देखा ख्वाब हो तुम
कहूं मै चांदनी की रात हो तुम
नजर में एक दफा में बस गए थे
किये है जो हजारों बात हो तुम
जुबां पर ना कभी दिल में रखा बंदिश
प्रिये तुम प्राण पर आघात हो तुम
©️Suraj Tiwari
कभी एक रात देखा ख्वाब हो तुम
कहूं मै चांदनी की रात हो तुम
नजर में एक दफा में बस गए थे
किये है जो हजारों बात हो तुम
जुबां पर ना कभी दिल में रखा बंदिश
प्रिये तुम प्राण पर आघात हो तुम
©️Suraj Tiwari
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