झुकाते सर तिरंगा पे हमारी जान है देखो हमारे देश की गाथा अमिट पहचान है देखो कभी झुकने न दे झंडा यही बस याद रखना है तिरंगे में लिपट कर के चलें अरमान है देखो Suraj tiwari
ख़्वाब से तू जाग आया इस कदर तू भाग आया सोचता था जान दे दू मुफलिसी में मांग आया ज़िन्दगी घर मौत का है मोह को सब त्याग आया सोच कर खामोश हूं मै ना बदन पर दाग आया मै अधूरा गा रहा था ज़िन्दगी क्यों राग आया Suraj Tiwari
2122,2122 ग़ज़ल प्यार खोया तब करूंगा राधिका जिद कब करूंगा छोड़ कर जाने लगी क्यों कह रहा हूं लब करूंगा अब जलेगा आशियाना मै उजाला जब करूंगा तोड़ दो रस्में मुहब्बत क्या दुआ मैं अब करूंगा टूटा है दिल शायरी से मैं कमा कर सब करूंगा Suraj Tiwari