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Showing posts from June, 2025

103,दोहा

1.जिम्मेदारी में फसा,करता मानव काज   जीवन यह अनमोल है,बिकते तख्तों ताज 2.बरसाने की छोरियां , करती भाव विभोर  ।  कान्हा कैसे जी रहा ,ये ना सोचे और ।। Suraj Tiwari

सावन मन भावन

 सरसी छंद  16.11 पदांत 21 💚🟢सावन मन भावन🟢💚  बाबू जी कहते है सावन, सबसे प्यारा मान हरियाली छाई चहूं ओर  धरती सजती है जान  सावन पावन है जल भर के, कावड़िया ले आय हर हर बम बम का नारा ही, शिव शंकर को भाय मेढक कूद रहे आस पास करते‌‍ टर टर पास बारिश होगी मूसलाधार मेढक पर विश्वास बारिश से जी डरता है अब, सुख से बीते रात अम्बर में बिजली तड़की है  प्रभु कम हो बरसात कागज की कस्ती वो मस्ती, करते कितना शाद मन झूम रहा खुशी से देख, आता बचपन याद प्यारा प्यारा जीवन जिनका करते हर दम गान  देख किसानों को जो जल में  गोद रहे है धान कवि भेज रहा सावन में खत, प्रिय से मिलने की चाह ताजमहल को देखा जब से, दिल से निकले वाह Suraj Tiwari

दोहा :- नियम एवं व्याख्या

 #दोहा :- नियम एवं व्याख्या                 दोहा मात्रिक अर्द्धसम छंद है। दोहे के चार चरण होते हैं। इसके विषम चरणों (प्रथम तथा तृतीय) में 13-13 मात्राएँ और सम चरणों (द्वितीय तथा चतुर्थ) में 11-11 मात्राएँ होती हैं ।  विषम चरणों के आदि में जगण (।ऽ।) नहीं होना चाहिए। सम चरणों के अन्त में एक गुरु और एक लघु मात्रा का होना आवश्यक होता है अर्थात अन्त में लघु होता है। आसान भाषा में.... दोहा किसे कहते हैं ? - काव्य का एक छंद जो कि मात्राओं पर आधारित होने के कारण मात्रिक छंद कहा जाता है।  इसे दो पंक्तियों में लिखा जाता है और प्रत्येक पंक्ति के दो भाग होते हैं जिसे चरण कहते हैं। एक दोहे में चार चरण होते हैं। प्रत्येक चरण के बाद विराम होता है। विराम यानि रूकना। विराम को दर्शाने के लिए अल्पविराम ( , ) का चिह्न होता है। दूसरे और चौथे चरण का तुकांत होता है।    जैसे :- ऐसी  बाणी   बोलिये,  मन  का  आपा   खोइ अपना तन  सीतल   करै, औरन  कौं सुख होइ।। ऐसी  बाणी   ...

मात्राभार गणना ( विस्तृत )जानकारी

 मात्राभार गणना ( विस्तृत ) ********************* मात्रा आधारित छंदमय रचनायें लिखने के लिए मात्रा या मात्राभार की गणना का ज्ञान होना अति आवश्यक है ,,,,आओ इस ज्ञान- विज्ञान को जाने — नोट —-१ मात्रा या मात्राभार को = लघु ,,,,(इसके उच्चारण में / बोलने में ,कम /अल्प समय लगता है) २ मात्रा या मात्राभार को = गुरु कहते हैं ,, ,(इसके उच्चारण में / बोलने में ,अपेक्षाकृत ज्यादा/अधिक समय लगता है) **(१)*** हिंदी में ह्रस्व स्वरों (अ, इ, उ, ऋ) की मात्रा १ होती है जिसे हम लघु कहते हैं **(२)*** हिंदी में दीर्घ स्वरों (आ, ई, ऊ, ए,ऐ,ओ,औ,अं, ) का मात्राभार २ होता है ,, जिसे हम गुरु कहते हैं. **(३)*** हिंदी में प्रत्येक व्यंजन की मात्रा १ होती है,,,, जो नीचे दर्शाये गए हैं — – *** क,ख,ग,घ , *** च,छ,ज,झ,ञ , *** ट,ठ,ड,ढ,ण , *** त,थ,द,ध,न , *** प,फ,ब,भ,म , ***य,र,ल,व,श,ष,स,ह जैसे—- अब=११, कल=११,, करतल =११११ ,,पवन १११ ,,मन =११ ,,चमचम=११११ ,,जल =११,,हलचल ११११,,दर =११,,कसक=१११,,दमकल =११११ ,,छनक =१११ ,दमक =१११ ,उलझन =११११ ,, बड़बड़ =११११,, गमन=१११ , नरक=१११ ,, सड़क=१११ **(४)*** किसी भी व्यंजन में इ , उ ,ऋ की मा...

मुक्तक" हौसलों में छुपा दर्द

 हम कभी जब शहर में तुम्हे पढ़ रहे गांव में बैठ जो तुम सृजन गढ़ रहे ज्ञात हो स्कूल की वो किताबें सनम हौसलों में छुपा दर्द पढ़ बढ़ रहे Suraj Tiwari 

93.किरीट सवैया कावड़ में जल को भर

करीट सवैया 211*8 कावड में जल को भर काॅकरिया अब बोल रहे शिव है अब है जयकार लगा कर शंकर के घर है चलते सब है जब जान रहे अब कांकरिया सब कंकड़ में शिव वास करें तब देख चढ़ा कर के जल शंकर से अब वंदन है करते सब Suraj Tiwari

92.दोहा नेताजी चोरी करें ,जनता दे सम्मान

राजनीति के मंत्र पर ,अपना देते ज्ञान  नेता जी चोरी करें,जनता दे सम्मान Suraj Tiwari

91.गीत विधा

गीत के मुख्यतः दो भाग होते हैं--- मुखड़ा और अंतरा:--- मुखड़ा--  इसमें सामान्यत: 1 से 4 तक पंक्तियाँ होती हैं,कोई तय संख्या नहीं है। ये किसी भी छन्द या बहर की मापनी पर हो सकती हैं,किन्तु ऐसा आवश्यक नहीं है। लय बद्धता आवश्यक होने के कारण किसी न किसी छंद में ही होती हैं। मुखड़े की पंक्तियों की लय (मात्रा भार)अन्तरे की पंक्तियों के समान या अलग भी हो सकता है। मुखडे़ की अंतिम पँक्ति को टेक  कहते हैं। अन्तरा/बन्ध--- गीत में कम से कम दो अन्तरे या बंध होते हैं। अधिक की कोई सीमा नहीं है। इनमें सामान्यतया 3 से 7 तक पंक्तियां होती हैं।अंतिम पंक्ति मुखड़े की टेक वाली पंक्ति से मिलती  है। शेष भिन्न होती हैं। पूरक पंक्ति--टेक वाली पंक्ति विशेष----एक मुखड़े या अन्तरे में लय या विषय जो निर्धारित हो जाता है। उसका पालन हर अन्तरे व  अन्तरे की  टेक से मिलने वाली पंक्ति में करना होता है।

90.मै कवि क्या कहते यह आप महाशय मोद सवैया

मोद सवैया 211*5+222+112+2 मै कवि क्या कहते यह आप महाशय ज्ञानी बात  बताए मै लिखता पढ़ता अब क्या यह जान न पाऊं बात सताए मै गद्य और कभी पद्य को पढ़ के यह भी देखो गीत  सुनाएं मै कवि हूं भ्रम दूर करों प्रभु ये सुन श्रोता पास बुलाए Suraj Tiwari

89.शंकर का डमरू बजता कहता सवैया 211*5+222+122+22

मोद सवैया  211*5+222+122+22 शंकर का डमरू बजता कहता अब भोलेनाथ जहां में है हमको यह ज्ञात नहीं मिलते कब भोलेनाथ जहां में हूं करता अब वंदन मै न मिले तब भोलेनाथ जहां में ले अवतार धरा पर पाप बढ़े जब भोलेनाथ जहां में Suraj Tiwari

88.प्रेम विश का पान राधें ने ,मानो किया सा लगें

प्रेम मंदिर के किसी जलते, अब दिया सा ही लगें अग्नि में आहूँति चढ़ी मां ,अब सिया सा ही लगें प्रेम साधनाओं में देखो , मीरा का समर्पण भी प्रेम विष का पान राधे ने,मानो किया सा लगें ©️Suraj Tiwari #हिंदी_कविता #प्रेम_कविता #त्याग #समर्पण #मीरा #राधा #सीता #आस्था #भावनाएं #शायरी #Suraj_Tiwari #sahityakioar #साहित्य_की_ओर Suraj Tiwari

87.दोष मुक्त हो तुम केशव,द्रोपदी उद्धार में

गांधारी कहे जागो कृष्ण, धृतराष्टों  के राज में, युग के भीष्म मौन पड़े है ,राजनीति दरबार में , अर्जुन गांडीव न रख बैठे , भीष्म पे कलंक है  दोष मुक्त हो तुम केशव,द्रोपदी उद्धार में ©️Suraj Tiwari #HindiPoetry #Mahabharata #Politics #Krishna #Arjun #Draupadi #SocialMessage #SurajTiwari #Kavita #Philosophy #Dharma #Rajneeti #sahityakioar Suraj Tiwari #साहित्य_की_ओर

86.कर्ण का प्रण भान सका

कुंती कहे लाल मुझे क्यों, है पिता न जान सका मुझसे बड़ा अभागा केशव,धरा पर न मान सका तिरस्कार भरे जीवन में एक ,दुर्योधन हि सहारा  मित्रा पे शीश भेट करेगा ,कर्ण का प्रण भान सका ©️Suraj Tiwari #Mahabharat #Karna #Kunti #Duryodhan #KaviSurajTiwari #HindiPoetry #Kavita #Itihas #Kshatriya #Yodha #sahityakioar #साहित्य_की_ओर Suraj Tiwari

85.बरसाने की छोरिया,प्रेम करे सब भंग

श्याम की पिच कारी लिए,राधा घोरे रंग, बरसाने की छोरियां ,प्रेम करे सब भंग ©️Suraj Tiwari #ShyamKiPitchkari #Radha #Holi #Braj #BarsaneKiChhoriyaan #Prem #SurajTiwari #FestivalOfColors #Love #HoliFestival #Rang #BrajKiHoli #Bajra #साहित्य_की_ओर Suraj Tiwari #sahityakioar

84.स्त्रियां स्नेह में गुजारती जवानी का नाम है

स्त्री श्रापित गलियो में वासी  ,सब कहानी व्यर्थ है त्याग समर्पण बलिदान दिखे ,न अब समाज अंध है  जहा वनवास मिला सिया को,मीरा को वैराग्य स्त्रियां स्नेह में यु गुजारती,जवानी  का अर्थ है ©Suraj Tiwari #MahilaDiwas #NariShakti #WomenEmpowerment #GenderEquality #Poetry #Kavita #WomenRights #Strength #Inspiration #Society #Feminism #RespectWomen #BetiBachao #साहित्य_की_ओर #Sacrifice #WomenHistory #Suvichar #Motivation #NariSamman #Justice #Awareness Suraj Tiwari #sahityakioar

79.कर्मयोगी नहीं छोड़ते धर्म

वेद में उपनिषद में लिखा मर्म है  इस जहां सर्वदा मूल तो कर्म है कृष्ण दे ज्ञान अर्जुन यहां मौन है  कर्मयोगी नहीं छोड़ते धर्म है ©️Suraj Tiwari #Shayari #Karma #BhagavadGita #Motivation #HindiSahitya Suraj Tiwari #sahityakioar #साहित्य_की_ओर

78.राम आदेश से बना काज है

राम वंदित रहे युग पुरुष साज है नाव मझधार में फस रही आज है भक्त हू मै पुकारू सदा राम को  राम आदेश से ही बना काज है   ©️Suraj Tiwari #RamBhakti #YugPurush #BhaktiGeet #HinduDevotional #RamNavamiSpecial #BhaktiSongs #SpiritualQuotes #RamInspiration #BhaktiVibes Suraj Tiwari #sahityakioar #साहित्य_की_ओर

77.गीतिका (राम जी अब बढ़ रहें)

सेतु पर क्यों राम अब रिश्ता निभाते चढ़ रहे जानकी का नाम पत्थर पर लिखा सब पढ़ रहे राम का सामर्थ कम आको नहीं  त्रिजटा कहें जानकी तुम धीर रख्खो राम जी अब बढ़ रहे ©️Suraj Tiwari

80.पिता के वचन को निभाते रहें

ओहदा हम पिता का बढ़ाते रहे हम पिता की बदौलत कमाते रहे  ज़िंदगी से शिकायत रही ना कभी   थे पिता जो वचन को निभाते रहे  ©️Suraj Tiwari #PitaKeLiye #Kavita #PitaKaSamman #Kritagyata #BharatiyaSanskaar #HindiKavita #PoetryLovers #SurajTiwari #PitaKiMahanta #sahityakioar #साहित्य_की_ओर Suraj Tiwari

76.रोला (हनुमत मिलन का अद्भुत गाए)

चारों तरफा दीप,जले रघुवर अब आए पुरुषोतम को देख , भरत मन में मुस्काए सिंहासन पर राम, भरत तो चरण दबाए हनुमत देखे दृश्य ,मिलन का अद्भुत गाए ©️Suraj Tiwari

75.प्रेम बिना संसार अधूरा (रोला)

दिल से चाहा प्यार,अधूरा लगता है रिश्तों का अहसास,अधूरा लगता है  उसको जब भी याद,करूं तो  जैसे मानों प्रेम बिना संसार ,अधूरा लगता है ©️Suraj Tiwari #PyaarKiKahani #AdhooraPyaar #RishtonKaAhisaas #Kavita #Shayari #HindiKavita #PoetryLovers #SurajTiwari #LovePoetry #Heartbreak #RomanticShayari #sahityakioar #साहित्य_की_ओर

74.माहिया(प्रेम कथा में मीरा)

प्रेम कथा में जलती  राधा प्रतिक्षा में   जीवन के दुख सहती  कविता में हम गाते  नाम कमाते है  प्रेम विरह सह पाते दृश्य अभी जब देखा प्रेम विरह में मैं आम विरह की रेखा देख सजी डोली को मन को चैन नहीं कोश रहा माली वो अंतर मन में पीड़ा कैसे कह पाऊं  कवि हूं सहता पीडा  ©️Suraj Tiwari

73.माहिया( प्यार कभी खोने में)

प्यार कभी खोने में तेरे जानें पर   घर के एक कोने में  बिस्तर पर तकिए पर आंख न भीगे जब एक चश्में रखिए पर जानें क्या चहरे पर ओढ़े चुनरी क्यों घूंघट है पहरें पर देख तमाशा मौन हु  आशिक था पहले अब जाने मै कौन हु सोच समझ बात करूं कवि की कविता से दिल पर क्यों घात करूं ©️Suraj Tiwari

72.माहिया (जीवन में सपने हो)

जीवन में सपने हो रब की रहमत हो दोस्त सब अपने हो जीवन में ऐसा हो  पैसा कम ही हो घर मंदिर जैसा हो लोग मिलें कैसा हो खुद पर खर्चा हो चाय बनें चर्चा हो जो दर दर भटका हो पैसों के वास्ते पंखे से जो लटका हो हां जीवन में गम हो  प्रभु से विनती है  बातों में कुछ दम हो प्रभु से प्रार्थना हो बस लालच ना हो खुशहाल कमाना हो ©️Suraj Tiwari

71.(माहिया )जीवन में धूम रहें

जीवन में धूम रहें  प्रभु अब तो वर वधु माथे को चूम रहें पंडित सब जान रहे दुल्हन व दूल्हा क्यों रिश्ता मान रहें हाथों में हाथ रहें मंडप में प्रेमी सब सोचे साथ रहें प्रेम विरह रीत रहें उर में राधे के  मीरा का गीत रहें प्रेम विरह नाप रहें मोहन विनती है  अब पश्चाताप रहें Suraj Tiwari #SurajTiwari #Poetry #Love #Wedding #RadhaKrishna #Mirabai #PremVirah #PoeticLove #SoulfulWords #HindiPoetry #sahityakioar #साहित्य_की_ओर

83.जलें है दिल मगर फिर भी चलें घर को

विदा ले यार जब से हम खले घर को जुदा हो कर बहुत रोए भले घर को कसम खा कर गए थे घर न आयेंगे जले है दिल मगर फिर भी चले घर को ©️Suraj Tiwari

70.आप चर्चा करें कुछ न कुछ बात हो

खिड़किया देख कर अब यहां रात हो  सोचता है मुसाफिर मुलाकात हो  ट्रेन में बैठ कर अजनबी सोचता  आप चर्चा करें कुछ न कुछ बात हो ©️Suraj Tiwari

69.मुक्तक गांव में

ज़िंदगी आज भी हस रही छांव में फूल अब शूल बन चुभ रहे पांव में मोह को तोड़ कर देख परिवार का छोड़ कर हम शहर चल दिए गांव में Suraj Tiwari

68.सगे है हम

गमों में जाम पीने अब लगे है हम गई जिस रात से तुम अब जगे है हम नया रिश्ता निभा पाता नहीं यारों  हमारे साथ वो कहते सगे है हम Suraj Tiwari

67.इश्क की जात होने लगी

सावनों में मुलाकात होने लगी आज की शाम बरसात होने लगी यार का साथ कैसे निभाए कोई है सुना इश्क की जात होने लगी ©️Suraj Tiwari

81.हमें मदहोश करती जवानी है

सनम ने बावरा करने कि ठानी है यही हर रात की अब तो कहानी है  सुबह उठ कर लगे हम काम पर है अब हमें मदहोश करती अब जवानी है Suraj Tiwari

66.दोहा प्रधानी चुनाव

हाथ जोड़ माँगूं यही, मुझको देना वोट।  अबकी बार चुनाव में, मैं भी बाँटूं नोट।। (2) अब गाँव के विकास में ,करना चाहूं काम । अबकी बार चुनाव में ,मेरा भी है नाम।। (3) प्रधानी के चुनाव में ,हमने दी है मात। ग्राम वासियों से मिली, आज मुझे सौगात।। Suraj Tiwari

65.पिता

बाप कभी बेटे के शव पर रोया है बोलो मां क्या तुमने बेटा खोया है खामोश पड़ी उस मां से जब भी पूछा चिल्लाओ मत बेटा मेरा सोया है Suraj Tiwari

64.दोहा,धर्म युद्ध अर्जुन लड़ें

जीवन रूपी युद्ध में ,कृष्ण अगर दे साथ।  धर्म युद्ध अर्जुन लड़ें ,कृपा करें जो नाथ।। Suraj Tiwari

82.राम सिया के जीवन में पीड़ा कम है

जीवन में क्या खोया क्या पाया गम है  जीवन पथ पर चल कर क्या आँखें नम है राज महल का त्याग किया वन वन भटके  राम सिया के जीवन में पीड़ा कम है Suraj Tiwari

63.she'r दिल के पिंजरे में

दिल के पिंजरे से परिंदो को उड़ा रक्खा हूँ तुम गए जबसे इसे जंगल ही बना रखा हूँ Suraj Tiwari

62.दोहा प्रभु आए निज धाम

वन-वन पहुँचे राम जी, चले भरत अविराम।  रोज़ करें फिर कामना, प्रभु आएँ निज धाम।।  Suraj Tiwari

61.ज़िन्दगी के सवालों में घिरा हूं गीतिका 2122.2122.2122.212

ज़िंदगी के मै सवालों में घिरा हूं जान लो देख मै खुद के सवालों से पिरा हूं जान लो ज़िंदगी से तंग आ कर हम कमाने अब चलें  छोड़ घर परदेश में दर दर फिरा हूं जान लो Suraj Tiwari

60.दोहा सदा हाथ सिर पर रहें

जीवन बीता मौज में, सदा पिताजी साथ।  सदा हाथ सिर पर रहे, विनती मेरी नाथ।।  Suraj Tiwari

59. गीतिका 2122.2122.2122.212

राम के पद चिन्ह पर चल कर लड़ा वह देखले उर्मिला विश्वास पर तेरे खड़ा वह देखले जानकी के राम जी वनवास में देखें लखन    राम चरणों में लखन कैसा पड़ा वह देखले Suraj Tiwari

58.मोद सवैया(जीवन से हम सीख रहें)

मोद सवैया 211 211 211 211 211 222 112 2 जीवन से हम सीख सके अब पांडव जैसे साथ निभाऍ केशव है गम क्या गर जीवन में सब हीनों को अपनाऍ कृष्ण कहें कि पितामह को हम दूर नहीं ले जा यदि पाऍ   जीवन युद्ध पितामह के भय से हम क्या आधार भुलाऍ Suraj Tiwari