19इश्क पहली बार में हो मुस्कुराता नहीं
मै छिपाना जानता था पर छिपाता ही नहीं
इश्क़ पहली बार में हो मुस्कुराता ही नहीं
थे धुरंधर महफिलों में बैठ कर कहते ग़ज़ल
प्यार में श्रृगार के मै गीत गाता ही नहीं
मै बताना चाहता था लड़कियों का दिल नरम
यार तू उस बेवफा को क्यों सुनाता ही नहीं
©️Suraj Tiwari
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