2(राधा जब ना रही, सुनता कौन पुकार)दोहा

सांवरिया की बांसुरी ,चाह रही उद्धार 

राधा ही जब ना रही, सुनता कौन पुकार

©️Suraj Tiwari

Comments

Popular posts from this blog

जिंदगी की सियासत

ग़ज़ल

ग़ज़ल