36.रावण का दिल टूट गया अंतर्मन से
श्री राम दया हमदर्दी करते हैं रावण के जन से
सोचो मत लक्षमण जा कर पैर छुओ ज्ञानी ब्रह्मण के
कैसी हाय विवशता होगी रावण जलता वर्षो से
देख लखन रावण को अब दिल टूट गया अंतर्मन से
©️Suraj tiwari
श्री राम दया हमदर्दी करते हैं रावण के जन से
सोचो मत लक्षमण जा कर पैर छुओ ज्ञानी ब्रह्मण के
कैसी हाय विवशता होगी रावण जलता वर्षो से
देख लखन रावण को अब दिल टूट गया अंतर्मन से
©️Suraj tiwari
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