गीत
पुंडरीक छंद 16,8 पदांत 122 गुरुवर परिमार्जित करते है,ज्ञान हमारे सभी शिक्षक गण बच्चों का तो ,भविष्य सँवारें गुरुवर अनुशासन में रहना,हमें सिखाते सत्कार बड़ों का करना अब,हमें बताते जीवन के विषम समय में भी,बने सहारे सभी शिक्षक गण बच्चों का तो ,भविष्य सँवारें जीवन में पग-पग से अवगत,हमें कराते मेरी नादानी पर अक्सर,वो मुस्काते गुरुदेव भाग्य आप बनाते,सब से न्यारे सभी शिक्षक गण बच्चों का तो ,भविष्य सँवारें गुरु के चरणों में नित्य रहे,चरण दबाए सभी प्राणियों पर दया करें,हमें सिखाए आसमान में चमके बन कर,हम ध्रुव तारे सभी शिक्षक गण बच्चों का तो ,भविष्य सँवारें सूरज तिवारी