70.आप चर्चा करें कुछ न कुछ बात हो

खिड़किया देख कर अब यहां रात हो 
सोचता है मुसाफिर मुलाकात हो 
ट्रेन में बैठ कर अजनबी सोचता 
आप चर्चा करें कुछ न कुछ बात हो

©️Suraj Tiwari

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