88.प्रेम विश का पान राधें ने ,मानो किया सा लगें

प्रेम मंदिर के किसी जलते, अब दिया सा ही लगें
अग्नि में आहूँति चढ़ी मां ,अब सिया सा ही लगें
प्रेम साधनाओं में देखो , मीरा का समर्पण भी
प्रेम विष का पान राधे ने,मानो किया सा लगें

©️Suraj Tiwari

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