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26.मै और मेरी साइकिल

 मै था साईकिल थी लंबा रस्ता था दूर तलक चलना था कांधे बस्ता था मंज़िल से हर दिन का आना जाना था बचपन आज भि हर खुशियों से सस्ता था ©️Suraj Tiwari

25.एक रात देखा ख्वाब हो तुम

 कभी एक रात देखा ख्वाब हो तुम कहूं मै चांदनी की रात हो तुम नजर में एक दफा में बस गए थे किये है जो हजारों बात हो तुम जुबां पर ना कभी दिल में रखा बंदिश प्रिये तुम प्राण पर आघात हो तुम ©️Suraj Tiwari

23.मुहब्बत की कहानी हम सुनाते थे

 मुहब्बत की कहानी हम सुनाते थे जुदाई में चिता खुद की सजाते थे उसी के इश्क़ में साईकिल चलाते थे गली में हो खड़े घंटी बजाते थे पलट कर देखती थी यार वो भी उसी की थी रजा जो गीत गाते थे उसी की चाहतों पर जंग जारी था सनम के चौखटों पर हाथ जोड़े थे जमाने से बगावत दिल्लगी में कर सनम ही हो खुदा ये भ्रम तोड़े थे ©️Suraj Tiwari

22 सफर में ज़िन्दगी से क्यों रूठा है

 सफर में ज़िन्दगी से क्यों रूठा हैं   किताबों में इश्क़ हि भाई खुदा है उसे दुल्हन बनाना चाहता हैं किसी की शादगी पर जो फ़िदा हैं चिरागों से जलें हैं हाथ तेरे अधेरी रात में घर से जुदा हैं ©️Suraj Tiwari

21.उसी की चहतो पर गीत लिखता था

 उसी की चाहतों पर गीत लिखता था सुबह अख़बार में तस्वीर दिखता था मुझे ही गा रहा है अब मीत मेरे मुझे ही बेदखल कर गीत छपता था अधूरे प्यार से क्या उम्मीद करते हम मुहब्बत में वफ़ा बेमोल बिकता था ©️Suraj Tiwari

20हमको तुमसे प्यार हुआ दिल बच्चा है

 दिल में एक तस्वीर सहेजे रखखा है हमको तुमसे प्यार हुआ दिल बच्चा है उससे इजहार कभी क्यों ना कर पाऊं प्यार अगर मर्यादा में हो सच्चा हैं ©️Suraj Tiwari

19इश्क पहली बार में हो मुस्कुराता नहीं

 मै छिपाना जानता था पर छिपाता ही नहीं इश्क़ पहली बार में हो मुस्कुराता ही नहीं थे धुरंधर महफिलों में बैठ कर कहते ग़ज़ल प्यार में श्रृगार के मै गीत गाता ही नहीं मै बताना चाहता था लड़कियों का दिल नरम यार तू उस बेवफा को क्यों  सुनाता ही नहीं ©️Suraj Tiwari