Gazal(जली लंका सबको खबर है)
जली है लंका सबको ख़बर है
सिया के राम मुस्काते मगर है
हृदय में पीर गहरी देखो हनुमत
चलें किस पथ पे प्रभु मुश्किल डगर है
सुनाओ कुछ व्यथा अब जानकी की
अधूरा प्रेम पाने का सबर है
चरण में अब पड़े हनुमान बोले
समंदर पार प्रभु रावण का घर है
हे रघुवर तीर तरकश से निकालो
लिखा इतिहास युग युग तक अमर है
सूरज तिवारी
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