ग़ज़ल
2122,2122
ग़ज़ल
प्यार खोया तब करूंगा
राधिका जिद कब करूंगा
छोड़ कर जाने लगी क्यों
कह रहा हूं लब करूंगा
अब जलेगा आशियाना
मै उजाला जब करूंगा
तोड़ दो रस्में मुहब्बत
क्या दुआ मैं अब करूंगा
टूटा है दिल शायरी से
मैं कमा कर सब करूंगा
Suraj Tiwari
2122,2122
ग़ज़ल
प्यार खोया तब करूंगा
राधिका जिद कब करूंगा
छोड़ कर जाने लगी क्यों
कह रहा हूं लब करूंगा
अब जलेगा आशियाना
मै उजाला जब करूंगा
तोड़ दो रस्में मुहब्बत
क्या दुआ मैं अब करूंगा
टूटा है दिल शायरी से
मैं कमा कर सब करूंगा
Suraj Tiwari
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