सावन मन भावन
सरसी छंद
💚🟢सावन मन भावन🟢💚
बाबू जी कहते है सावन,
सबसे प्यारा मान
हरियाली छाई चहूं ओर
धरती सजती है जान
सावन पावन है जल भर के,
कावड़िया ले आय
हर हर बम बम का नारा ही,
शिव शंकर को भाय
मेढक कूद रहे आस पास
करते टर टर पास
बारिश होगी मूसलाधार
मेढक पर विश्वास
बारिश से जी डरता है अब,
सुख से बीते रात
अम्बर में बिजली तड़की है
प्रभु कम हो बरसात
कागज की कस्ती वो मस्ती,
करते कितना शाद
मन झूम रहा खुशी से देख,
आता बचपन याद
प्यारा प्यारा जीवन जिनका
करते हर दम गान
देख किसानों को जो जल में
गोद रहे है धान
कवि भेज रहा सावन में खत,
प्रिय से मिलने की चाह
ताजमहल को देखा जब से,
दिल से निकले वाह
Suraj Tiwari
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