खेल खिलौने जीवन का हिस्सा (मुक्तक)

 पापा ने जो उपहार दिया,देख उसे मुस्काता हूं

साईकिल गली गली लेकर, पापा के गुण गाता हूं

बच्चों से बचपन ना छीने,लोगों से कहते रहते है

खेल खिलौने है जीवन का,हिस्सा देख बताता हूं


Suraj Tiwari

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