56.किरीट सवैया 211*8(ध्यान रहे गर कृष्ण )


किरीट सवैया

211*8

ध्यान रहे गर कृष्ण जुदा जब हों तुम युद्ध न जीत सके कब

देख दुर्योधन शर्त यही पहले जगा कर कृष्ण जगे तब

कृष्ण गए यदि कौरव संग न धर्म बचे सच ही कहते सब

केशव है विनती तुम न्याय करों लड़ना किस ध्वज तले अब

Suraj Tiwari 

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