54.किरीट सवैया 211*8(यार करे सब साथ मुझे)
किरीट सवैया
211*8
यार करें सब साथ मुझे एक बार कहों यह बात सखा तुम
सूरज साथ बिता पल वो कहने लगता अब आंख करों नम
यार न न्याय करें इस कारण से कवि तू लिख जीवन के गम
गीत भला लिखते किस के बिन हे प्रिय यार अभी मन है कम
Suraj Tiwari
Comments
Post a Comment