ग़ज़ल Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps December 12, 2025 शिकारी को समझ अब खग गए हैं, बिछा जब जाल देखा भग गए हैं।बहन ने भाइयों से राज खोला,घरों में आज दीमक लग गए हैं।जुदा हो बाँह से मिलता नहीं कुछ, विभीषण जीत कर भी ठग गए हैं। सूरज तिवारी Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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